नवाचार से बदलेगी दिव्यांगों की दुनिया: युवा इनोवेटर रवि किरण ने समाज कल्याण सचिव को दिखाए ‘Navinaut’ और ‘SignX’

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवा न केवल तकनीक में झंडे गाड़ रहे हैं, बल्कि अपनी मेधा का उपयोग सामाजिक सरोकारों के लिए भी कर रहे हैं।
यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा सम्मानित ‘ग्लोबल यूथ इनोवेटर’ और ‘एलियन इनोवेशंस’ के 21 वर्षीय संस्थापक रवि किरण ने अपनी टीम के साथ समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विकसित दो क्रांतिकारी उपकरणों का प्रदर्शन किया।
Navinaut: दृष्टिबाधितों के लिए तीसरी आंख
रवि किरण ने ‘नेविनॉट’ (Navinaut) का प्रदर्शन किया, जो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए भारत का पहला टॉर्च के आकार का कॉम्पैक्ट सहायक उपकरण है। इसकी खासियतें हैं:
- LiDAR सेंसर: यह एडवांस्ड सेंसर तकनीक के जरिए रास्तों की बाधाओं का सटीक पता लगाता है।
- टैक्टाइल वाइब्रेशन: बिना पारंपरिक छड़ी के, यह उपकरण कंपन (Vibration) के माध्यम से उपयोगकर्ता को अलर्ट करता है, जिससे चलना सुरक्षित और स्वतंत्र हो जाता है।
SignX: मूक-बधिरों के लिए रीयल-टाइम दुभाषिया
श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों के लिए विकसित ‘साइनएक्स’ (SignX) एक एआई-आधारित डेस्क उपकरण है।
- 97.6% सटीकता: यह सांकेतिक भाषा को तुरंत पहचानकर आवाज में बदल देता है।
- टू-वे कम्युनिकेशन: सामने वाले की आवाज को यह ‘स्पीच-टू-टेक्स्ट’ के जरिए स्क्रीन पर दिखाता है, जिससे बिना किसी मानवीय दुभाषिए के संवाद संभव हो जाता है।
शासन की सकारात्मक पहल
समाज कल्याण सचिव श्री भुवनेश यादव ने इन ‘मेड इन इंडिया’ नवाचारों की सराहना करते हुए इसे दिव्यांगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाला बताया। उन्होंने सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में इन उपकरणों की उपयोगिता पर चर्चा की। इस मुलाकात में स्टार्टअप की ऑपरेशंस हेड हर्षिता भी शामिल थीं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ इन युवाओं का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को ‘समावेशी विकास’ की दिशा में आगे ले जाने वाला है।





