PL से पहले सटोरियों का नया पैंतरा: ‘हिंदू777’ के नाम से धार्मिक कार्ड; कॉल पर 2 मिनट में बन रही सट्टा ID

रायपुर। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन से पहले ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट ने पुलिस और साइबर सेल से बचने के लिए अपना वर्किंग पैटर्न पूरी तरह बदल लिया है। अब सटोरिये केवल वेबसाइट्स के भरोसे नहीं हैं, बल्कि पर्सनल कॉल और टेली-मार्केटिंग के जरिए सीधे लोगों के मोबाइल तक पहुंच रहे हैं।
धार्मिक कार्ड और नया ब्रांड ‘HINDU777’
इस बार सट्टेबाजी नेटवर्क ने लोगों की भावनाओं से खेलने के लिए ‘HINDU777’ नाम से नया लोगो और प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। खुद को “इंडिया का नंबर 1 फन प्लेटफॉर्म” बताकर प्रमोट किया जा रहा है। गिरोह SKYEXCH, ALLPANEL777 और DIAMONDEXCH जैसी साइट्स के जरिए सट्टा खिलवा रहा है। इनका दावा है कि जीतने वाली राशि ‘गवर्नमेंट वेरीफाइड’ अकाउंट्स से आएगी, ताकि यूजर को कानूनी डर न रहे।
कैसे बिछाया जा रहा है जाल?
- कॉल सेंटर सेटअप: ठगों ने बकायदा कॉल सेंटर बनाए हैं। कॉल की शुरुआत “सर, क्या आप घर बैठे लाखों कमाना चाहते हैं?” जैसे लुभावने वाक्यों से होती है।
- तुरंत ID जनरेशन: गूगल पे या फोन पे पर पैसे ट्रांसफर करते ही महज 2 मिनट में व्हाट्सएप के जरिए यूजर आईडी और पासवर्ड दे दिया जाता है।
- प्रॉक्सी ट्रांजैक्शन: सट्टे का पैसा यूपीआई के जरिए ‘प्रॉक्सी बैंक अकाउंट्स’ में लिया जाता है, जिसे बाद में हवाला या क्रिप्टो के जरिए विदेश भेज दिया जाता है।
विदेश से चल रहा नेक्सस
जांच में सामने आया है कि इन वेबसाइट्स के डोमेन और सर्वर विदेशों में हैं। इस पूरे खेल के पीछे ‘महादेव बुक’ जैसे बड़े प्लेयर्स का हाथ है, जिनके पास कुराकाओ का लाइसेंस है और वे अमेरिका के एरिजोना जैसे राज्यों में रजिस्टर्ड हैं, जहां सट्टेबाजी कानूनी है।
कानून और प्रतिबंध
भारत सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत रियल मनी गेमिंग पर कड़े प्रावधान किए हैं। हालांकि केंद्र ने 122 ऐप बैन किए थे, लेकिन सटोरिये हर बार नए नाम और यूआरएल के साथ वापसी कर लेते हैं। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन ऐप्स का एल्गोरिदम इस तरह सेट होता है कि अंततः फायदा कंपनी को ही होता है।





