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रामकृष्ण हॉस्पिटल के सेप्टिक टैंक में 3 स्वीपर की मौत,आयोग बोला ये मैनुअल स्कैवेजिंग; SC-ST एक्ट में एक्शन हो

रायपुर। रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की मौत ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे ‘मैनुअल स्कैवेंजिंग’ (हाथ से मैला ढोना) करार दिया है, जो कानूनन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

राष्ट्रीय आयोग की सख्त कार्रवाई और निर्देश

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने रायपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में SC/ST एक्ट और मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। गिल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन का कोई भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी बख्शा नहीं जाना चाहिए।

पीड़ित परिवारों में छाया मातम

हादसे में जान गंवाने वाले प्रशांत, अनमोल और गोविंद भाठागांव की बीएसयूपी कॉलोनी के रहने वाले थे। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार:

  • अनमोल: अपने पीछे पत्नी और महज 4 महीने का बच्चा छोड़ गया है।
  • गोविंद: घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता एक्सीडेंट के बाद चलने-फिरने में असमर्थ हैं और 11-13 साल की दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
  • प्रशांत: अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था, जिसकी मौत से मां और बहनों का बुरा हाल है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें गड्ढे की गहराई और खतरे के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

नगर निगम की अपील और प्रतिबंध

घटना के बाद रायपुर नगर निगम ने मैनुअल स्कैवेंजिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध की सूचना जारी की है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे टैंकों की सफाई मशीनों से ही कराएं। किसी भी आपात स्थिति या अवैध मैनुअल सफाई की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 14420 और 1100 जारी किए गए हैं। आयोग की इस सक्रियता के बाद अब अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।

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