ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए थे पाक के 900 ड्रोन

दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने बड़ा खुलासा किया है।
सेना के मुताबिक 7 और 8 मई 2025 की रात पाकिस्तान ने चीन और तुर्किये के समर्थन से गुजरात से लेकर कश्मीर तक करीब 900 स्वॉर्म ड्रोन दागे थे। इन हमलों का मकसद भारतीय सैन्य ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाना था, लेकिन भारतीय सेना और वायुसेना ने सभी मंसूबों को नाकाम कर दिया।
सेना की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध जैसी स्वॉर्म ड्रोन रणनीति अपनाई थी। कुछ घंटों के भीतर LOC से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक ड्रोन हमले किए गए। हालांकि भारतीय वायुसेना के एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) ने इन ड्रोन को समय रहते ट्रैक कर तबाह कर दिया। पाकिस्तान भारत के किसी भी बड़े सैन्य बेस को नुकसान नहीं पहुंचा सका।
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान, चीन और तुर्किये की तिकड़ी के चार बड़े मंसूबे थे। पहला, सस्ते ड्रोन से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को थकाना। दूसरा, भारत को महंगी मिसाइलें दागने पर मजबूर कर आर्थिक दबाव बनाना। तीसरा, भारतीय रडार और सर्विलांस नेटवर्क की जानकारी जुटाना। चौथा, भारतीय एरियल डिफेंस में कमजोरियां तलाशना।
सेना ने बताया कि इन सभी रणनीतियों को भारतीय सुरक्षा तंत्र ने विफल कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर ने नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर में भारत की ताकत साबित की।
सेना के अनुसार ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवान और 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। भारतीय वायुसेना ने 23 मिनट में पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। बाद में भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल और ड्रोन हमलों से पाकिस्तान के 11 एयरबेस और कई सैन्य ठिकानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
सेना ने साफ कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक नीति की शुरुआत थी।





