असम में 63 विधायक दोबारा जीते, 85% करोड़पति; कई पर आपराधिक मामले

दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद विधायकों की प्रोफाइल को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 126 सदस्यों वाली विधानसभा में से 63 विधायक दोबारा चुने गए हैं, यानी आधे प्रतिनिधि पुराने हैं। Association for Democratic Reforms (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार 21 विधायक (17%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 19 (15%) पर गंभीर अपराधों के केस हैं।

गंभीर मामलों में हत्या का प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार जैसे आरोप शामिल हैं। खास बात यह है कि 2011 में ऐसे मामलों की संख्या सिर्फ 8 थी, जो अब बढ़कर 19 हो गई है। पार्टीवार आंकड़ों में कांग्रेस के 19 में से 16 और भाजपा के 82 में से 14 विधायकों पर आपराधिक केस दर्ज हैं।

विधायकों की संपत्ति भी तेजी से बढ़ी है। नई विधानसभा में 107 विधायक (85%) करोड़पति हैं, जबकि 2011 में यह आंकड़ा 37% था। कुल संपत्ति 1,112 करोड़ रुपए से ज्यादा है और औसतन हर विधायक के पास 8.82 करोड़ रुपए की संपत्ति है। Badruddin Ajmal सबसे अमीर विधायक हैं, जिनकी संपत्ति करीब 226 करोड़ रुपए बताई गई है।

राजनीतिक स्थिति की बात करें तो भाजपा ने 82 सीटें जीतकर बढ़त बनाई है, जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिलीं। BPF और AGP को 10-10 सीटें और अन्य को 5 सीटें मिली हैं।

अन्य आंकड़ों के अनुसार, 126 में से 119 विधायक पुरुष और केवल 7 महिलाएं हैं, जो महिला भागीदारी की कमी को दर्शाता है। शिक्षा के स्तर पर 50 विधायक ग्रेजुएट और 21 पोस्ट ग्रेजुएट हैं।

कुल मिलाकर, असम की नई विधानसभा में अनुभव, संपन्नता और आपराधिक मामलों का मिश्रण देखने को मिला है, जो राज्य की राजनीति की जटिल तस्वीर पेश करता है।

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