दिल्ली होटल अग्निकांड में 21 की मौत, होटल मालिक गिरफ्तार; फंसे CA ने कहा था- “शायद हम बच नहीं पाएंगे”

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 विदेशी नागरिक और 10 भारतीय शामिल हैं। मृतकों में अफ्रीकी देशों के 9 नागरिक और तुर्कमेनिस्तान के 2 नागरिक बताए जा रहे हैं। शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल को केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन भवन की पांच मंजिलों में 25 से अधिक कमरे बना लिए गए थे। इतना ही नहीं, होटल के पास अनिवार्य फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) भी नहीं था और पूरे भवन में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता मौजूद था। ऐसे में आग लगने के बाद लोग बाहर नहीं निकल सके और कई लोग धुएं तथा लपटों में फंस गए।
घटना के बाद पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं, हालांकि आग लगने की सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है।
हादसे की सबसे मार्मिक कहानी गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल की है, जो अपने परिवार के साथ होटल में ठहरे हुए थे। आग की चपेट में आने के बाद उन्होंने एक रिश्तेदार को फोन कर कहा, “भाई, शायद हम बच नहीं पाएंगे।” यह उनकी अंतिम बातचीत साबित हुई। इस दर्दनाक संदेश ने परिवार और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इस हादसे ने राजधानी में होटल सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नियमों की अनदेखी कैसे हुई और इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है।





