सुकमा। नक्सल मोर्चे पर तैनात रहने वाली महिला कमांडो और दुर्गा फाइटर की जवानों ने इस बार गरबा-डांडिया की धुन पर जमकर डांस किया।
सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में पहली बार तीन दिवसीय गरबा-डांडिया आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर की पहल पर हुए इस कार्यक्रम में पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ शहीद जवानों के परिवारों ने भी उत्साह से हिस्सा लिया।
वर्दी की जिम्मेदारियों के बीच गरबा की धूम
नक्सल प्रभावित इलाके में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच ड्यूटी करने वाली महिला जवानों ने पारंपरिक गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियां दीं। आमतौर पर सुरक्षा और नक्सल विरोधी अभियानों में व्यस्त रहने वाली इन जवानों के लिए यह आयोजन मनोरंजन के साथ आपसी मेल-जोल बढ़ाने का अवसर बना।
तीन दिनों तक पुलिस लाइन में उत्सव का माहौल रहा। महिला प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजन के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे महिलाओं का उत्साह बढ़ा और कार्यक्रम में शामिल अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन मिला।
अधिकारियों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
कार्यक्रम में सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह, कलेक्टर अमित कुमार, एसपी मयंक गुर्जर, मलकानगिरी एसपी विनोद पाटिल, एएसपी रोहित शाह, एएसपी मनोज तिर्की, एसडीओ वन विभाग परख सारडा और रक्षित केंद्र अधिकारी रवि उपाध्याय अपने परिवारों के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने महिला जवानों और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
आयोजन में शहीद परिवारों की महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी खास रही। इससे पुलिस परिवारों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और आपसी जुड़ाव मजबूत करने का मौका मिला। सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में पहली बार हुए इस आयोजन ने जवानों की कठिन ड्यूटी के बीच उत्सव और मनोरंजन के लिए भी जगह बनाई।
