दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ।
पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस दौरान सुरक्षा बलों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।
जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव के विरोध में सड़क पर उतर आए थे। प्रदर्शनकारी सड़क जाम करने की कोशिश कर रहे थे।
जब पुलिस भीड़ को हटाने पहुंची, तो हालात बिगड़ गए और पथराव शुरू हो गया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर स्थिति नियंत्रित की। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
कोलकाता पुलिस के एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है। दरअसल, पिछले हफ्ते तिलजला इलाके की एक फैक्ट्री में आग लगने से 2 लोगों की मौत हो गई थी।
इसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की थी। पार्क सर्कस में लोग इसी कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।
इस मामले पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बंगाल बुलडोजर राजनीति में विश्वास नहीं करता।
टैगोर और नेताजी की धरती पर डर और तोड़फोड़ के जरिए शासन नहीं चलाया जा सकता। ममता ने आरोप लगाया कि गरीबों और फेरीवालों को राजनीतिक अहंकार की कीमत चुकानी पड़ रही है।
वहीं CPI महासचिव डी राजा ने कहा कि सरकार को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। दूसरी ओर बीजेपी विधायक भास्कर भट्टाचार्य ने कहा कि बुलडोजर गलत नीतियों के खिलाफ भी चलता है और कार्रवाई कानून के तहत हो रही है।
