कोंडागांव में अनोखी शादी: एक दूल्हा, दो दुल्हनें और सात फेरे; आपसी रजामंदी से संपन्न हुआ विवाह

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल स्थित कोंडागांव जिले से एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है।
यहाँ एक युवक ने एक ही मंडप में दो युवतियों के साथ सात फेरे लिए और जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाईं। इस विवाह का वीडियो और निमंत्रण पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।
तीनों परिवारों की रजामंदी से हुआ आयोजन
यह मामला फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बैलगांव का है। यहाँ रहने वाले हितेश यादव, जो पेशे से किसान हैं, ने दो लड़कियों—शंकरपुर की फुलबती और बनियागांव की यामिनी के साथ विवाह किया।
इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि यह छिपकर नहीं, बल्कि गाजे-बाजे और समाज के बुजुर्गों की मौजूदगी में संपन्न हुई। ग्रामीणों के अनुसार, भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए तीनों परिवारों की लिखित रजामंदी और सामाजिक सहमति के बाद ही यह कदम उठाया गया।
क्या कहता है कानून
इस अनोखे विवाह पर कानूनी विशेषज्ञों की राय अलग है। अधिवक्ता निपेंद्र मिश्रा के अनुसार, हिंदू मैरिज एक्ट के तहत एक व्यक्ति दो विवाह नहीं कर सकता; दूसरी शादी तभी वैध होती है जब पहली पत्नी से विधिवत तलाक हो चुका हो। हालांकि, बस्तर के कई आदिवासी समाजों में परंपरा और रूढ़िगत नियमों के तहत एक से अधिक विवाह की प्रथा प्रचलित रही है, जिसे समाज की मान्यता प्राप्त होती है।





