रायपुर। रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित समिति ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ आयोग, निगम और मंडल के पदाधिकारियों से सुझाव लिए। समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े की मौजूदगी में बैठक हुई।
संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित नीति-निर्देशक तत्वों को साकार करने के उद्देश्य से गठित समिति प्रदेशभर में संवाद कर रही है। प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का उद्देश्य धर्म, जाति और पंथ से परे विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। इसमें पुत्र और पुत्री को संपत्ति में समान उत्तराधिकार देने और मौखिक तलाक जैसी कुप्रथाओं पर रोक जैसे प्रावधानों पर भी चर्चा हो रही है।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों की भागीदारी
बैठक में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष ललित माखीजा, क्रिश्चियन समाज के जान राजेश पॉल, मुस्लिम समाज के अध्यक्ष सलाम रिजवी और गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष इंद्रजीत छाबड़ा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए।
राज्य नीति आयोग, खाद्य आयोग, महिला आयोग, गौ सेवा आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, नागरिक आपूर्ति निगम, अनुसूचित जनजाति आयोग और मछुआ कल्याण बोर्ड के पदाधिकारी भी शामिल हुए। अग्रवाल, माहेश्वरी समाज और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी अपनी बात रखी।
जनजातीय परंपराओं के संरक्षण पर जोर
बैठक में जनजातीय और रूढ़िगत परंपराओं पर यूसीसी के संभावित प्रभावों का संवेदनशीलता से आकलन करने की बात कही गई। समिति फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और जनसंवाद के जरिए आम नागरिकों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों और कानूनविदों की राय जुटा रही है। समिति का लक्ष्य सभी वर्गों की सहभागिता से पारदर्शी, समावेशी और जनहितैषी विधिक ढांचा तैयार करना है।
