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गांजा तस्करी में 2 आरोपियों को 20-20 साल की सजा: 22 किलो गांजा के साथ पकड़े गए थे, 2-2 लाख जुर्माना भी लगा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गांजा तस्करी के एक मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को 20-20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में 6-6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

विशेष लोक अभियोजक स्वाति शर्मा के अनुसार, यह फैसला विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) शैलेश शर्मा की अदालत ने सुनाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों की पहचान आसुतोष मेहेर और क्षिरोद मेहेर के रूप में हुई है, जो ओडिशा से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे थे।

मामला 30 मई 2024 का है, जब देवभोग थाना क्षेत्र में पुलिस टीम गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा के जुनागढ़ से दो युवक लाल रंग की बाइक में गांजा लेकर खुंटगांव की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।

कुछ ही देर में बताए गए हुलिए के अनुसार बाइक सवार दो युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर बाइक में रखी एक सफेद बोरी से गांजा बरामद हुआ। मौके पर तौल कराने पर गांजे का वजन करीब 22 किलो निकला। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने नाम बताए, लेकिन उनके पास गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था।

पुलिस ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान जब्त गांजे के सैंपल को लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया, जहां रिपोर्ट में गांजा होने की पुष्टि हुई।

सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया और कड़ी सजा सुनाई गई। इस फैसले को गांजा तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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