ट्राइबल गेम्स में खेल के साथ पर्यटन का रंग,छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता खिलाड़ियों का दिल

रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के चलते इन दिनों छत्तीसगढ़ खेल और पर्यटन के अनोखे संगम का साक्षी बन रहा है। प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता देशभर से आए खिलाड़ियों को खासा आकर्षित कर रही है। यही कारण है कि यह आयोजन केवल खेल तक सीमित न रहकर यादगार अनुभव में बदलता जा रहा है।
अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के लिए यह यात्रा और भी खास बन गई, जब उन्हें ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया।
सिरपुर की ऐतिहासिक नगरी ने खिलाड़ियों को अपनी समृद्ध विरासत से रूबरू कराया। यहां के प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक धरोहरों को देखकर खिलाड़ी अभिभूत नजर आए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति की जमकर सराहना की।
वहीं बारनवापारा अभयारण्य का भ्रमण खिलाड़ियों के लिए सुकून और रोमांच दोनों लेकर आया। घने जंगलों, हरियाली और शांत वातावरण ने उन्हें प्रकृति के करीब ला दिया। यहां स्थित हरेली इको रिसोर्ट में खिलाड़ियों ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया, जिससे उन्हें छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति का अनुभव हुआ।
इस यात्रा का सबसे रोमांचक हिस्सा बाँबू राफ्टिंग रहा, जिसमें खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्राकृतिक जलधाराओं के बीच यह गतिविधि उनके लिए रोमांच से भरपूर अनुभव साबित हुई। साथ ही, इससे टीम भावना भी और मजबूत हुई।
छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों ने राज्य सरकार और पर्यटन मंडल का आभार जताते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय यादों में शामिल रहेगा।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के जरिए छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है। यह आयोजन राज्य की सकारात्मक छवि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहा है।





