विधानसभा में नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 पारित, अवैध प्लॉटिंग पर कसेगा शिकंजा

अब नगर निगम और सरकारी कंपनियां भी बना सकेंगी विकास योजनाएं
रायपुर( छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को सुव्यवस्थित करने और अवैध प्लॉटिंग के खेल को खत्म करने के लिए साय सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा में गुरुवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत ‘छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026’ ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस संशोधन के बाद अब प्रदेश में मास्टर प्लान और नगर विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री साय बोले- अवैध प्लॉटिंग पर रोक और सुनियोजित विकास प्राथमिकता
विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह निर्णय राज्य में संतुलित शहरी विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरों के अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इस संशोधन से विकास कार्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना और व्यवस्थित आवास मिल सकेंगे।
विकास योजनाओं का दायरा बढ़ा, अब नगर निगमों को भी अधिकार
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में बताया कि अब तक नगर विकास योजनाओं की जिम्मेदारी मुख्य रूप से RDA और NRDA जैसे प्राधिकरणों पर ही थी। संशोधन के बाद अब स्थानीय नगर निकाय (नगर निगम), सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां और राज्य शासन के अन्य अभिकरण भी नगर विकास योजनाएं (Town Development Schemes) तैयार और क्रियान्वित कर सकेंगे।
गुजरात और महाराष्ट्र के मॉडल पर होगा विकास
वित्त मंत्री ने गुजरात (अहमदाबाद) और महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रिंग रोड जैसी बड़ी परियोजनाएं इसी मॉडल से सफल हुई हैं।
छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के तहत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण इसी पद्धति से किया जा रहा है। इस कानून के आने से औद्योगिक और आवासीय विकास को गति मिलेगी। उद्योग और आवास के लिए व्यवस्थित भूखंड आसानी से उपलब्ध होंगे। सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल होगा।





