हिमाचल और कश्मीर में बर्फबारी से झूमे पर्यटक, यूपी-पंजाब में घना कोहरा; दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ा

दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों में जहां ताजा हिमपात से सैलानी उत्साहित हैं, वहीं मैदानी इलाकों में घना कोहरा और बढ़ता प्रदूषण आम जनजीवन के लिए चुनौती बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रों में शुक्रवार को ताजा बर्फबारी हुई। बर्फ से ढके पहाड़ों को देखकर पर्यटक झूम उठे और मनाली व कुंजुम क्षेत्रों में रौनक बढ़ गई। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ हो गया। शिमला, कुफरी और मनाली में दिनभर बादल छाए रहे, जबकि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट दिखा।
राज्य के निचले इलाकों में कोहरे ने परेशानी बढ़ा दी है। बिलासपुर और मंडी जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। मौसम विभाग ने हिमाचल के मैदानी और निचले क्षेत्रों में 27, 28 और 29 दिसंबर के लिए घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऊना जिले में कोहरे के कारण स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक कर दिया गया है।
कश्मीर घाटी में शुक्रवार को मौसम साफ रहा, लेकिन शीतलहर बरकरार है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अनुमान जताया है कि नए साल के आसपास श्रीनगर समेत घाटी के निचले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे पर्यटन स्थलों पर रौनक लौटने की उम्मीद है।
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भी तीन दिन के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डों पर कोहरे के चलते उड़ानों पर असर पड़ा है। यूपी, पंजाब, हरियाणा और बिहार में भी सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
उधर, दिल्ली-एनसीआर में दो दिन की राहत के बाद वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राजधानी का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 332 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। 40 में से आठ निगरानी स्टेशनों पर एक्यूआई 400 से ऊपर ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।





