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टॉप-10 मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति, तिरुपति बालाजी दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल

दिल्ली। भारत के प्रमुख मंदिर न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि वे देश की आर्थिक शक्ति का भी एक बड़ा हिस्सा हैं। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शीर्ष 10 मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति है।

तिरुपति बालाजी: दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल

आंध्र प्रदेश का तिरुपति बालाजी मंदिर ₹3.38 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ सूची में शीर्ष पर है। रोचक तथ्य यह है कि इस मंदिर की कुल नेटवर्थ दुनिया के करीब 100 छोटे देशों (जैसे आइसलैंड और साइप्रस) की GDP से भी अधिक है।

मंदिर की आय का मुख्य जरिया भक्तों का चढ़ावा और बैंकों में जमा 11 टन सोने पर मिलने वाला ब्याज है। यहाँ प्रतिदिन औसतन ₹1 से ₹5 करोड़ तक का दान आता है।

पद्मनाभस्वामी और जगन्नाथ मंदिर का खजाना

  • पद्मनाभस्वामी मंदिर (केरल): प्राचीन खजाने के मामले में यह सबसे धनी है। इसकी ₹2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति का 99% हिस्सा सोने की मूर्तियों, हीरों और सिक्कों के रूप में है। पिछले दो वर्षों में सोने की कीमतों में हुई भारी वृद्धि (₹65 हजार से ₹1.50 लाख तक) के कारण इसकी संपत्ति का मूल्य 100% तक बढ़ गया है।
  • जगन्नाथ पुरी (ओडिशा): इस मंदिर के पास 60,000 एकड़ से अधिक जमीन है, जो ओडिशा के 24 जिलों और अन्य 6 राज्यों में फैली है। इसकी कुल संपत्ति लगभग ₹1.2 लाख करोड़ आंकी गई है।

अयोध्या का उभरता वैभव

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की संपत्ति में भी तेजी से इजाफा हुआ है। 70 एकड़ के मुख्य परिसर और भव्य निर्माण लागत को मिलाकर इसकी वैल्यू ₹8,000 करोड़ के पार पहुंच गई है। यहाँ प्रतिदिन औसतन ₹1 करोड़ से ज्यादा का दान प्राप्त हो रहा है।

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