5 महीने में 26 से ज्यादा नेताओं-कार्यकर्ताओं पर हमले का दावा, BJP ने आरोपों से किया इनकार
दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बारुईपुर ईस्ट से विधायक बिभास सरदार पर शनिवार को हमला किया गया। विधायक के मुताबिक, हमलावरों ने उनकी कार का शीशा तोड़ दिया और बाद में उनके साथ मारपीट की। घटना में उनकी आंख में चोट आई है। सरदार ने हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि भाजपा ने आरोपों से इनकार किया है।
विधायक के अनुसार, पहला हमला मनसाताला में हुआ, जहां उनकी कार के सामने का शीशा ईंट मारकर तोड़ा गया। इसके बाद जयनगर थाना क्षेत्र के गोलबेरिया हाट में उन पर दोबारा हमला किया गया।
इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उनके सुरक्षा गार्ड और ड्राइवर को भी परेशान किए जाने का आरोप है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और विधायक को बचाया। घायल विधायक को स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मदद से अस्पताल ले जाया गया।
भाजपा के जादवपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष मनोरंजन ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि इस घटना में भाजपा से जुड़ा कोई व्यक्ति शामिल नहीं था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चुनाव के बाद नेताओं पर हमले के कई मामले
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे। इसके बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले, अंडे फेंकने और विरोध-प्रदर्शन की कई घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच महीनों में 26 से ज्यादा TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है।
इन घटनाओं में सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंकने, अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमला करने और सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे व अन्य चीजें फेंकने के मामले शामिल हैं। जुलाई और अगस्त में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यक्रमों और कार के आसपास भी विरोध-प्रदर्शन हुए थे।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन मामलों में अलग-अलग घटनाओं की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
