विधानसभा शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन : प्रश्नकाल में उठा फायर सेफ्टी का मुद्दा, बीजेपी विधायक ने पूछे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री ने क्या दिया जवाब

रायपुर। विधानसभा शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सत्र के तीसरे दिन सदन के कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई।
इस दौरान सदन की कार्यवाही की शुरुआत वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह ने सवाल पूछ कर किया : उन्होंने लोक स्वास्थ्य मंत्री से अस्पतालों में फायर सेफ्टी हेतु क्या-क्या प्रावधान है? एवं फायर सेफ्टी नहीं होने की स्थिति में क्या कार्यवाही करने का प्रावधान है ?
विधायक के सवाल – अस्पतालों में कब-कब फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया है? एवं जिन अस्पताल में फायर सेफ्टी की उचित व्यवस्था नहीं है… उनके विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई है ?
विधायक के सवाल के जवाब में मंत्री जायसवाल ने कहा : प्रदेश में नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत गैर शासकीय अस्पतालों की संख्या 1129 है….
छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग की अधिसूचना 29 नवंबर 2022 के अनुसार ऐसे भवन जिसकी ऊंचाई 9 मीटर से अधिक हो या..जो दो मंजिला हो या 30 से अधिक बिस्तर वाले हो या जिनमें कोई क्रिटिकल केयर यूनिट हो…उन्हें फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है…
विधायक धर्मजीत सिंह ने आंकड़ों को लेकर सवाल पूछा : मेकाहारा में आग लगी और कई अस्पतालों में भी इस तरह की वारदातें सामने आई..फायर ऑडिट करता कौन है , पिछले 2 महीने में कोई मॉकड्रिल हुआ है क्या ?
मंत्री जायसवाल : छग में फायर ऑडिट गृह विभाग करती है.जिसके बाद उन्होंने सक्षम अधिकारियों से फायर ऑडिट कराने का मांग किया है।