छत्तीसगढ़ में रासायनिक और नैनो उर्वरक पर्याप्त, किसानों को जागरूक किया जा रहा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए रासायनिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उन्हें नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में चालू खरीफ सीजन के लिए 14.62 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का लक्ष्य रखा गया था। इसके तहत सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में कुल 15.64 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया और 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
चालू खरीफ सीजन में यूरिया का वितरण 6.39 लाख मीट्रिक टन किया गया है। सहकारी क्षेत्र में 3.42 लाख और निजी क्षेत्र में 2.96 लाख मीट्रिक टन यूरिया किसानों को उपलब्ध कराया गया। नैनो उर्वरक की भी पर्याप्त आपूर्ति की गई है। सहकारी क्षेत्र में नैनो यूरिया की 1.78 लाख और निजी क्षेत्र में 1.12 लाख बॉटल भंडारित की गई। वहीं नैनो डीएपी का वितरण सहकारी क्षेत्र में 1.58 लाख और निजी क्षेत्र में 79,810 बॉटल किया गया। कुल मिलाकर 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक किसानों तक पहुंचे हैं।
नैनो उर्वरक का उपयोग परंपरागत खाद की आपूर्ति को कम करने और संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, नैनो यूरिया से 80-90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, लागत में कमी आती है और यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। धान की एक एकड़ फसल के लिए केवल 25 किलोग्राम डीएपी और 0.5 लीटर नैनो डीएपी पर्याप्त है।
कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को डेमो दिखा रहे हैं और नैनो उर्वरक के लाभों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। पंपलेट, बैनर और पोस्टर के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके परिणामस्वरूप किसान पूरी तरह विश्वास के साथ नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं और अपनी फसल में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।