स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग देश की अमूल्य धरोहर, बेमेतरा में सम्मानित होंगे सेनानी परिवार: सीएम साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है।
उन्होंने यह बात आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के दौरान कही।
23 मार्च को बेमेतरा में भव्य सम्मान समारोह
संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित होने वाले ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
23 मार्च का दिन ऐतिहासिक रूप से शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस (शहीद दिवस) के रूप में मनाया जाता है, जो इस आयोजन को और भी गरिमामय बनाता है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत
मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए संस्था के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का परम दायित्व है।
यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का क्षण नहीं है, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को देशभक्ति, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देने का एक सशक्त माध्यम है।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करते हैं और आजादी की लड़ाई के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का काम करते हैं।
प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी, ललित मिश्रा और विनायक दीवान सहित अन्य गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
संस्था के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सेनानी परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनके कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।





