पीएम मोदी और मार्क कार्नी की शिखर वार्ता आज, दोबारा पटरी पर लौटेंगे भारत-कनाडा से संबंध

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच सोमवार को होने वाली शिखर वार्ता को भारत-कनाडा संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले कुछ वर्षों से जमे द्विपक्षीय रिश्तों की बर्फ पिघलाकर सहयोग को फिर से मजबूती देना है। दोनों नेता संबंधों को पूरी तरह सामान्य बनाने और वर्ष 2023 से पहले की सकारात्मक गति को पुनः स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराएंगे।
वार्ता के दौरान ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु सहयोग, व्यापार, निवेश और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। दोनों देश संस्थागत संवाद तंत्र को फिर से सक्रिय करने, द्विपक्षीय कारोबार के नए लक्ष्य तय करने और आपसी विश्वास को मजबूत करने पर सहमत हो सकते हैं। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर नई संभावनाओं पर विचार होगा। कनाडा अपने विशाल कच्चे तेल और गैस भंडार के लिए भारत को एक बड़े और भरोसेमंद बाजार के रूप में देख रहा है।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच नई पहल की उम्मीद है। 10 वर्षीय नए यूरेनियम आपूर्ति अनुबंध को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ सकती है, जिससे भारत की दीर्घकालिक परमाणु ईंधन सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा प्रौद्योगिकी, दुर्लभ खनिज और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी जोर रहेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। हालांकि, मार्च 2025 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संबंध सुधारने की दिशा में सक्रिय पहल की है। यह शिखर वार्ता न केवल राजनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा देगी, बल्कि व्यापार और निवेश को भी गति प्रदान करेगी। इसे दोनों देशों के लिए एक नए भरोसेमंद और सहयोगपूर्ण भविष्य की शुरुआत माना जा रहा है।





