फुटहामुड़ा नहर से बदलेगी नगरी की तस्वीर, 22 गांवों को मिलेगी स्थायी सिंचाई सुविधा

रायपुर। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज़ी से धरातल पर उतर रही है।
यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। परियोजना को नगरी अंचल में हरित क्रांति की नींव के रूप में देखा जा रहा है।
गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से प्रारंभ होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबी यह नहर नगरी विकासखंड के 22 गांवों के करीब 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी।
नहर के पूर्ण होने से खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा भी बढ़ेगा। इससे न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।
परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। मुख्य नहर से प्रभावित 10 गांवों में 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन कार्य पूर्ण हो चुका है।
इसके साथ ही वन प्रकरण से संबंधित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम स्वीकृति भी मिल चुकी है। इन सभी स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य में आने वाली प्रमुख बाधाएं दूर हो गई हैं और कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अनुसार, फुटहामुड़ा नहर परियोजना का प्रभाव केवल सिंचाई सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा।
इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र से होने वाले पलायन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि यह परियोजना निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो। हाल ही में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई है।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी अंचल में कृषि समृद्धि और समग्र विकास की नई राह खोलने वाली साबित होगी।





