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क्रिसमस के दौरान तोड़फोड़ की पूर्व प्रधानमंत्री ने की निंदा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में क्रिसमस समारोह के दौरान हुई तोड़फोड़ और हमलों की घटनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के त्योहार के दौरान हिंसा और भय का माहौल बनाना अस्वीकार्य है और इससे देश की गंगा-जमुनी तहजीब को ठेस पहुंचती है।

देवगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली में आयोजित क्रिसमस प्रार्थना सभा में शामिल होकर ईसाई समुदाय के प्रति सम्मान जताने की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह पहल सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश देती है, जिसे समाज के हर वर्ग को अपनाना चाहिए।

असम के नलबाड़ी जिले के पनीगांव स्थित सेंट मैरी इंग्लिश स्कूल में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने स्कूल परिसर में नुकसान पहुंचाया और धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़, असम, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और ओडिशा समेत कई राज्यों से ईसाई समुदाय ने क्रिसमस के दौरान तोड़फोड़, धमकी और उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई हैं। कई स्थानों पर चर्चों और स्कूल परिसरों में नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आईं, जिससे स्थानीय समुदायों में भय और आक्रोश का माहौल बना।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नलबाड़ी की घटना में शामिल सभी उपद्रवियों को कानून के दायरे में लाया गया है और आगे भी ऐसी किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि राज्य में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इन घटनाओं के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने देशभर में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है, ताकि हर नागरिक बिना डर के अपने-अपने त्योहार मना सके।

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