खामनेई की मौत पर जश्न और एफआईआर का विवाद, सरकंडा थाने में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामनेई की मौत पर मिठाई बांटने और सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने का मामला अब बड़े विवाद में बदल गया है।

बुधवार को हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के समर्थन में सैकड़ों कार्यकर्ता सरकंडा थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विवाद की जड़: सोशल मीडिया पोस्ट और जश्न

मामला 28 फरवरी 2026 का है, जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामनेई की मौत की खबर आई थी। इस दौरान बिलासपुर के हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक विवादित टिप्पणी पोस्ट की और जश्न मनाते हुए मिठाइयां बांटीं।

इस पोस्ट और जश्न को लेकर मुस्लिम समाज ने कड़ी नाराजगी जताई और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने राम सिंह ठाकुर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की।

थाने में भारी हंगामा और प्रदर्शन

एफआईआर दर्ज होने के विरोध में राम सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की और बुधवार को सामूहिक गिरफ्तारी देने का ऐलान किया।

सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता सरकंडा थाने पहुंचे और खुद को गिरफ्तार करने की मांग की। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और किसी भी कार्यकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया गया। काफी देर तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद सभी प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। पुलिस अब इस मामले में सोशल मीडिया पोस्ट की वैधानिक जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर हुए इस घटनाक्रम ने शहर में वैचारिक तनाव पैदा कर दिया है।

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