रायपुर में कमिश्नरी लागू होगी 23 सितंबर को, पढ़े साय कैबिनेट के अहम निर्णय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, वनवासियों, उद्योग, मिलर्स और शहरी प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों को आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्रिपरिषद ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने पर राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी। इसके साथ ही कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
लघु वनोपज क्षेत्र को मजबूती देते हुए मंत्रिपरिषद ने अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए संघ को एकमुश्त 30 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण देने की स्वीकृति दी।
वहीं छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम से जुड़े ऋणों के मामले में 55.69 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूरी अदायगी को मंजूरी दी गई। इससे सालाना करीब 2.40 करोड़ रुपए के ब्याज व्यय की बचत होगी और 229.91 करोड़ की गारंटी देनदारी समाप्त होगी।
कैबिनेट ने उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति क्विंटल करने और मिलिंग की न्यूनतम अवधि तीन माह से घटाकर दो माह करने का फैसला लिया। साथ ही औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे निवेश, रोजगार और नीति क्रियान्वयन को गति मिलेगी।
शहरी और परिवहन क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रिपरिषद ने 20 जनवरी से 5 फरवरी तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में लगने वाले 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया। इसके अलावा कस्टम मिलिंग में बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत किया गया।
प्रशासनिक स्तर पर पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का नया पद सृजित करने और 23 जनवरी से रायपुर महानगरीय पुलिस जिले में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का भी निर्णय लिया गया।





