मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी सुदूर गांवों की जीवनरेखा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सुदूर वनांचल क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा बनकर उभरी है।
इस योजना का उद्देश्य बस्तर, सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों के गांवों को सुरक्षित, सुलभ और नियमित परिवहन सुविधा से जोड़ना है। योजना के तहत गांवों को जिला मुख्यालय, स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का दैनिक जीवन सहज हुआ है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के सपनों और जरूरतों को पंख देने वाली पहल बन गई है।
सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां होते हुए अंबिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से इलाके की तस्वीर बदलने लगी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच के कारण अब उन गांवों तक विकास की रोशनी पहुंच रही है, जहां पहले आवागमन एक बड़ी समस्या थी।
इस योजना से समय और संसाधनों की बचत हो रही है। शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी परमानिया पैकरा बताती हैं कि पहले समय पर ड्यूटी पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब बस सेवा से आवागमन आसान हो गया है। इसी तरह चंदा टोप्पो ने कहा कि बस शुरू होने से उनकी पेशेवर जिंदगी काफी सरल हो गई है।
विद्यार्थियों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। नर्सिंग कॉलेज की छात्रा लक्ष्मी और पीजी कॉलेज की छात्रा निशा बताती हैं कि पहले लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब गांव से ही बस मिलने से पढ़ाई में सुविधा हो रही है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने पैदल चलने और जोखिम भरी बाइक यात्राओं से ग्रामीणों को राहत दी है। यह योजना सुदूर वनांचल के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ के सुशासन की मजबूत मिसाल बन रही है।





