रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में समाज कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का दायरा बढ़ाया है। सरकार का दावा है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता के कारण लाखों लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है।
राज्य में मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 7.56 लाख हो गई है। वहीं वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन और सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न पेंशन योजनाओं से 21.73 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। करीब 96 प्रतिशत हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि मिल रही है, जबकि ई-केवाईसी और आधार सीडिंग से व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। यूडीआईडी कार्ड धारकों की संख्या 2.77 लाख तक पहुंच गई है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के लाभार्थियों की संख्या 1,161 से बढ़कर 17,038 हो गई, जबकि दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का दायरा भी बढ़ाया गया है। विशेष विद्यालयों और पुनर्वास केंद्रों का विस्तार भी किया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सियान हेल्पलाइन (155326) को मजबूत बनाया गया है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉलों की संख्या 2.87 लाख तक पहुंच चुकी है, जो बुजुर्गों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। वहीं भारत माता वाहिनी योजना के तहत नशामुक्ति केंद्रों की संख्या 11 से बढ़ाकर 29 कर दी गई है।
राज्य सरकार ने “सुगम्य छत्तीसगढ़ अभियान” के जरिए सरकारी भवनों और संस्थानों को दिव्यांग-अनुकूल बनाने की दिशा में भी काम तेज किया है। समाज कल्याण विभाग का बजट 2023-24 के 1,512 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2025-26 में 1,600 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रशासन, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय से समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही उसकी प्राथमिकता है।
