कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में जीवंत होगी जनजातीय वीरों की गाथा

दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित होने वाली छत्तीसगढ़ की झांकी इस वर्ष देशवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को भव्य और जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी। रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में आयोजित प्रेस प्रीव्यू में राष्ट्रीय मीडिया के समक्ष झांकी का प्रदर्शन किया गया।
झांकी के माध्यम से उन अमर जनजातीय वीर नायकों को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के विरुद्ध संघर्ष कर स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। इन वीरों की स्मृति में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय में छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक तकनीक से संरक्षित किया गया है। इस संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती पर किया था।
झांकी के अग्र भाग में 1910 के भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया है, जबकि पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए प्रस्तुत किया गया है। पूरी झांकी जनजातीय समाज के साहस, बलिदान और देशभक्ति की प्रेरक गाथा को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती है।





