देश में महिलाओं का औसत वेतन पुरुषों से 25 प्रतिशत कम,12 साल में सैलरी 90% बढ़ी

दिल्ली। भारत में महिलाओं और पुरुषों के वेतन में अब भी बड़ा अंतर बना हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में औसत महिला वेतनभोगी कर्मचारी की मासिक आय पुरुष कर्मचारियों की तुलना में करीब 25% कम है।
हालांकि, बीते 12 वर्षों में नौकरीपेशा लोगों का औसत वेतन लगभग 90% बढ़ा है, लेकिन महंगाई को ध्यान में रखें तो वास्तविक आय में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई है।
2024 में एक औसत वेतनभोगी कर्मचारी की मासिक आय करीब 21 हजार रही। वहीं, स्वरोजगार करने वालों की औसत आय ₹13,200 और अस्थायी या दिहाड़ी मजदूरों की आय लगभग 9 हजार रही।
भारत में वेतनभोगी कर्मचारियों की हिस्सेदारी सिर्फ 23% है, जो वैश्विक औसत 52% से काफी कम है। तुलना करें तो अमेरिका में 94%, जर्मनी में 91%, जापान में 89% और चीन में 54% लोग वेतनभोगी हैं।
राज्यों की बात करें तो पंजाब में सबसे अधिक 56% लोग वेतनभोगी हैं, जबकि बिहार में यह आंकड़ा मात्र 9% है। छत्तीसगढ़ में 14% और मध्यप्रदेश में 13% लोग ही नियमित वेतन पर काम कर रहे हैं।
शिक्षा के स्तर के अनुसार, उच्च शिक्षित लोगों में 57% नौकरीपेशा हैं, जबकि अशिक्षित वर्ग में यह संख्या सिर्फ 6% है।
सामाजिक सुरक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। करीब 57% वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशन या पीएफ जैसी सुविधा नहीं मिलती, जबकि 85% लोग ग्रेच्युटी से वंचित हैं।
स्वास्थ्य सुविधाएं भी केवल 28% कर्मचारियों को ही मिल पा रही हैं। ये आंकड़े देश में रोजगार की गुणवत्ता और महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।



