रॉकेट थ्रस्टर्स से हवा में कलाबाजी कर सुरक्षित लैंडिंग; 2028 से प्रोडक्शन शुरू करने की तैयारी
दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने 16 अक्टूबर को अपनी सेकेंड जनरेशन रोडस्टर कार का डेमो दिखाया। इसमें कार एक घुमावदार रैंप से ऊपर उठी, हवा में पलटी और फिर सुरक्षित जमीन पर उतर गई।
कंपनी के मुताबिक, कार में रॉकेट तकनीक पर आधारित थ्रस्टर्स लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यह हवा में कलाबाजी कर सकती है। टेस्ला ने इसके प्रोडक्शन की शुरुआत 2028 से करने की योजना बताई है।
स्पेसएक्स के इंजीनियरों ने तैयार की तकनीक
डेमो के बाद मस्क ने इसे टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों की साझा मेहनत का नतीजा बताया। उनके अनुसार, कार में हाई-प्रेशर एयर टैंक, ऊंचाई नियंत्रित करने वाले थ्रस्टर्स और पीछे की तरफ मुख्य थ्रस्टर्स लगाए गए हैं।
यह तकनीक रॉकेट और सैटेलाइट में इस्तेमाल होने वाली कोल्ड-गैस थ्रस्टर प्रणाली जैसी है। इसमें दबाव वाली गैस बाहर निकालकर दिशा बदलने या अतिरिक्त धक्का देने में मदद मिलती है।
0.81 सेकेंड में 97 किमी की रफ्तार का दावा
टेस्ला का दावा है कि रोडस्टर महज 0.81 सेकेंड में शून्य से 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। यह आंकड़ा उत्पादन मॉडल में भी हासिल होता है, तो कार तेज पिकअप के मामले में नया रिकॉर्ड बना सकती है। हालांकि, फिलहाल इसे डेमो और प्रोटोटाइप के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
कंपनी ने इसकी अधिकतम रफ्तार 370 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होने की बात कही है। मस्क ने भविष्य के मॉडल में इससे भी ज्यादा रफ्तार हासिल करने का लक्ष्य बताया है।
2028 में प्रोडक्शन, बुकिंग के लिए 50 हजार डॉलर
मस्क के मुताबिक, रोडस्टर का उत्पादन 2028 में शुरू हो सकता है। कार की बुकिंग के लिए 50 हजार डॉलर यानी करीब 48 लाख रुपए जमा कराने होंगे। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यह राशि पूरी तरह रिफंडेबल है।
हालांकि, रोडस्टर की लॉन्चिंग पहले भी कई बार टल चुकी है। इसे नवंबर 2017 में पेश किया गया था और शुरुआती योजना के मुताबिक 2020 तक बाजार में आना था। अब उत्पादन शुरू होने के लिए 2028 का लक्ष्य रखा गया है।
