दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है। 30 मार्च 2026 को हुई इस गिरफ्तारी ने राजधानी को दहलाने वाली एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है।
प्रमुख खुलासे और निशाने पर धार्मिक स्थल
पूछताछ के दौरान शब्बीर ने स्वीकार किया कि उसके निशाने पर दिल्ली के प्रसिद्ध और भीड़भाड़ वाले स्थल थे। उसने कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल, छतरपुर मंदिर और कनॉट प्लेस की गहन रेकी की थी। आरोपी ने इन स्थानों के वीडियो और महत्वपूर्ण जानकारियां एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर अबू हुजैफा को भेजी थीं। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर जनहानि करना और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था।
आतंकी नेटवर्क और ‘बांग्लादेश कनेक्शन’
जांच में एक अंतरराष्ट्रीय साजिश सामने आई है। ISI और लश्कर अब बांग्लादेश को नया ‘ऑपरेशनल बेस’ बना रहे हैं। शब्बीर ने खुलासा किया कि वहां ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) की तर्ज पर एक नया संगठन खड़ा किया जा रहा है।
शब्बीर 2025 में अवैध रूप से बांग्लादेश पहुंचा और वहां आतंकी गतिविधियों के लिए बेस तैयार किया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने एक बांग्लादेशी महिला से निकाह भी किया। शब्बीर 2004 से लश्कर के संपर्क में है और 2007 व 2015 में भी आतंकी गतिविधियों के लिए जेल जा चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था और आगामी कार्रवाई
शब्बीर का संबंध कुख्यात आतंकी सज्जाद गुल से भी पाया गया है, जो फिलहाल पाकिस्तान से भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। दिल्ली में इस मॉड्यूल के 8 अन्य सदस्यों (7 बांग्लादेशी और 1 भारतीय) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और शब्बीर के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सघन जांच जारी है।
