मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की सीएम साय ने की अपील

चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि पतंगों के इस पारंपरिक और उल्लासपूर्ण पर्व को पूरी सावधानी, जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता के साथ मनाएं।
उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति हमारी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा पर्व है, जिसे आनंद और आपसी सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए, लेकिन यह आनंद किसी की जान या सुरक्षा के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्व के दौरान चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। यह न केवल बच्चों और आम नागरिकों के लिए, बल्कि राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी मांझा का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसका निर्माण, बिक्री, भंडारण अथवा प्रयोग करना कानूनन अपराध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इस संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस और नगरीय निकायों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि चीनी मांझा के विरुद्ध अभियान चलाकर कड़ी निगरानी रखी जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बाजारों में नियमित जांच की जाए, ताकि प्रतिबंधित मांझा की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इसके साथ ही चीनी मांझा के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी मिल सके।
उन्होंने अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे बच्चों को सुरक्षित सूती या कागजी मांझे का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि मकर संक्रांति का पर्व खुशहाली, एकता और नई ऊर्जा का संदेश देता है। सभी नागरिक मिलकर परंपरा, आनंद और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखें और इस पर्व को शांति, जिम्मेदारी और हर्षोल्लास के साथ मनाएं।





