पश्चिम बंगाल में तनाव, पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में रामनवमी 6 अप्रैल को है, लेकिन राज्य के 14 जिलों में तनाव बढ़ने लगा है। इसकी वजह से राज्य सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और इन जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। कोलकाता, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, मेदिनीपुर, 24 परगना और अन्य जिलों में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
बीते दो दिन से इन जिलों में हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, जिसके कारण तनाव और बढ़ गया है। दक्षिण बंगाल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुप्रतिम सरकार ने बताया कि रामनवमी के दौरान अशांति फैलाने की साजिश का खुफिया सूचना मिली है, इसलिए सुरक्षा सख्त की गई है।
भाजपा और TMC की रामनवमी शोभायात्रा
पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी दोनों ही रामनवमी पर शोभायात्रा निकालने की योजना बना रही हैं। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में अयोध्या की तर्ज पर विशाल राम मंदिर बनाने का ऐलान किया है, और इसकी आधारशिला वे रामनवमी को रखेंगे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी राज्यभर में श्रीराम महोत्सव का आयोजन करने का एलान किया है।
संवेदनशील इलाको में ड्रोन से निगरानी
रामनवमी को लेकर राज्य में सियासत भी गर्मा गई है। भाजपा और विहिप दोनों ने चेतावनी दी है कि यदि शोभायात्राओं पर हमले हुए, तो हिंदू संगठन चुप नहीं बैठेंगे। इस बार राज्यभर में करीब दो हजार रैलियों के आयोजन का ऐलान किया गया है, जिनमें पांच लाख तक लोग शामिल हो सकते हैं। संवेदनशील इलाकों में रैलियों पर ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो। अफवाहों को रोकने के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिससे हर स्थिति पर नजर रखी जा सके। पश्चिम बंगाल में रामनवमी को लेकर स्थिति को शांत रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।