नल से जल ने बदली गांव की तस्वीर, दीपा की जिंदगी में आई खुशहाली

घर में आया जल-जीवन, चौघड़ा गांव में जल क्रांति की कहानी
रायपुर। जल जीवन मिशन का उद्देश्य देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि हर घर, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र तक नल से शुद्ध पानी पहुंच सके।
इसी मिशन के तहत ग्रामीण जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरक कहानी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ स्थित ग्राम पंचायत चौघड़ा के लोहारपारा से सामने आई है। यहां की निवासी दीपा के लिए स्वच्छ पेयजल कभी एक सपना हुआ करता था।
दीपा को रोजाना घर से काफी दूर स्थित कुएं से पानी लाने जाना पड़ता था। इस कार्य में उनका बहुत समय और मेहनत खर्च हो जाता था, जिससे बच्चों की देखभाल, घरेलू कामकाज और अन्य जिम्मेदारियां प्रभावित होती थीं। कई बार भारी बर्तनों के साथ लंबी दूरी तय करना उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालता था।
हर घर नल से जल योजना के लागू होने के बाद दीपा और उनके परिवार की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब घर में ही शुद्ध और सुरक्षित पानी उपलब्ध है।
पानी के लिए भटकने की मजबूरी खत्म हो गई है और समय की बचत होने से दीपा अब परिवार और बच्चों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। स्वच्छ पानी मिलने से परिवार के स्वास्थ्य में भी स्पष्ट सुधार हुआ है और बीमारियों की समस्या कम हुई है। दीपा बताती हैं कि नल से जल मिलने के बाद जीवन में सुविधा, सम्मान और सुरक्षा का एहसास बढ़ा है।
उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना केवल पानी नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की गारंटी लेकर आई है।
जल जीवन मिशन की यह पहल आज ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुधार का सशक्त उदाहरण बन चुकी है।
चौघड़ा गांव की दीपा की कहानी यह सिद्ध करती है कि जब योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो वे केवल नल से पानी नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में खुशहाली, आत्मसम्मान और उम्मीद की नई धारा भी पहुंचाती हैं।



