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सरकारी स्कूल में तंत्र-मंत्र और तोड़फोड़, टेबल-कुर्सी जलाई गई

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के केलाबाड़ी में स्थित प्राथमिक और मिडिल स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों ने तंत्र-मंत्र और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। स्कूल में क्लासरूम के बाहर चुनरी, माला और गोबर-मिट्टी से तंत्र-मंत्र के निशान बनाए गए थे। वहीं, अंदर भी फर्नीचर और दस्तावेजों के साथ तंत्र-मंत्र के चिन्ह पाए गए।

मंगलवार को इन तत्वों ने स्कूल की टेबल-कुर्सी में आग लगा दी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलाकर नष्ट कर दिए। पंखे, लाइट और बिजली के बोर्ड भी तोड़ दिए गए, जबकि बोर के केबल भी जलाए गए। इससे बच्चों और शिक्षकों में डर और दहशत का माहौल बन गया। इससे पहले, शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में प्रिंसिपल ऑफिस के सामने भी तंत्र-मंत्र कर कोयल की बलि दी गई थी।

असामाजिक तत्व स्कूल की बाउंड्री तोड़कर अंदर प्रवेश कर जाते हैं और कई बार क्लासरूम के ताले भी तोड़कर फर्नीचर और अन्य चीजों को नुकसान पहुंचाते हैं। प्राथमिक और मिडिल स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

स्कूल प्रबंधन और शिक्षक कई बार पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। स्थिति में सुधार न होने पर शिक्षकों ने पद्मनाभपुर थाने में फिर से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय परिसर में हुई ये घटनाएं शिक्षा के लिए खतरे का संकेत हैं। स्कूल में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस जांच और एफआईआर के बाद ही इस घटना का पर्दाफाश संभव होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह मामला स्थानीय समुदाय और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि स्कूल परिसरों में सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा किया जाए, ताकि पढ़ाई का माहौल सुरक्षित रहे और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।

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