आंध्रप्रदेश में पकड़ाए बस्तर के चार पत्रकारों को मिली सशर्त जमानत

जगदलपुर। बस्तर के चार पत्रकारों को आंध्रप्रदेश पुलिस ने 15 किलो गांजे के साथ पकड़ाए जाने का मामला सामने आया था। अब इस मामले में कोर्ट ने चारों पत्रकारों को 23 दिनों बाद जमानत दे दी हैं। हालांकि ये जमानत सशर्त है। राजमहेंद्रवरम के विशेष न्यायाधीश ने मामले में चारों ही पत्रकारों को सशर्त ज़मानत दे दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार की तरफ से जमानत का विरोध किया गया और कहा गया कि आरोपी प्रभावशाली है, और उनका प्रदेश में पता लगाना मुश्किल हैं।
राजमहेंद्रवरम के विशेष न्यायाधीश ( नारकोटिक्स ) आर शिव कुमार ने इस मामले में चारों ही पत्रकारों को विचारण के दौरान सरकार की तरफ़ से ज़मानत का विरोध करते हुए कहा गया कि, आरोपी प्रभावशाली हैं और छत्तीसगढ़ राज्य में उनका पता लगाना मुश्किल होगा। शासन की ओर से इस मामले में दो अन्य फरार आरोपियों का ज़िक्र करते हुए यह भी कहा गया कि, आरोपी गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। जबकि बचाव पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई दूषित है, और झूठे मामले में फंसाया गया हैं। वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्वीकार किया कि इस मामले में जब्त गाँजा थोड़े मात्रा में है और एनडीपीएस की धारा 37 के प्रावधान सक्षमता से प्रभावी नहीं होते हैं। सरकारी पक्ष ने यह भी स्वीकार किया कि, सभी सरकारी गवाह हैं। कोर्ट ने ज़मानत आवेदन स्वीकार करते हुए आदेश में लिखा है -“चारों को 20 हजार रुपए के निजी मुचलके और समान राशि के दो स्थानीय ज़मानतदारों के साथ ज़मानत दी जाती है।लेकिन कोर्ट ने शर्त रखते हुए कहा कि जब तक चारों चार्जशीट दाखिल नहीं होते, सभी को हर हफ्ते मंगलवार को चिंतूर पुलिस स्टेशन में हाज़िर होना होगा।