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सुशासन तिहार बना सहारा: 12 किमी का मुश्किल सफर अब अनिल के लिए आसान, मोटराइज्ड ट्राइसिकल मिलने से बढ़ा हौसला

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा में रहने वाले अनिल कुमार के जीवन में सुशासन तिहार नई उम्मीद लेकर आया है। 70 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद पढ़ाई का सपना देखने वाले अनिल को शासन की ओर से मोटराइज्ड ट्राइसिकल मिली है। इससे अब उनका 12 किलोमीटर का कठिन सफर आसान हो गया है।

अनिल 12वीं कक्षा के छात्र हैं। उनका घर स्कूल से करीब 12 किलोमीटर दूर है। रोज लंबी दूरी तय करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। खराब सड़कें और आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता की वजह से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। परिवार के लोग भी उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे।

इसी बीच बानाबेल में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में अनिल ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवेदन का निराकरण किया और मौके पर ही अनिल को मोटराइज्ड ट्राइसिकल उपलब्ध कराई।

ट्राइसिकल मिलने के बाद अनिल के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। अब वे बिना किसी सहारे के खुद स्कूल जा सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई में आने वाली परेशानियां काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

अनिल ने कहा कि पहले स्कूल पहुंचना ही सबसे बड़ी मुश्किल थी। कई बार समय पर नहीं पहुंच पाने से पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन अब वे आसानी से स्कूल जा सकेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की मदद से उनके सपनों को नई रफ्तार मिली है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुशासन तिहार के जरिए जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। अनिल को मिली सहायता अब गांव के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।

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