देश - विदेश

SC का फैसला, PG मेडिकल एडमिशन में नहीं मिलेगा डोमिसाइल के आधार पर आरक्षण

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कोर्स के पीजी एडमिशन के लिए निवास (डोमिसाइल) आधारित आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया है. सर्वोच्च अदालत ने इसे तुरंत खत्म करने का आदेश दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मेडिकल कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएशन के एडमिशन में डोमिसाइल आधारित आरक्षण नहीं दे पाएंगे.

जस्टिस हृषिकेश रॉय , जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा है कि इस तरह का आरक्षण संविधान के अनुच्छेद-14 का सीधा-सीधा उल्लंघन है. हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि जो फैसला हम दे रहे हैं, वो अब नए सिरे से लागू होगा. यानी पुराने एडमिशन पर इस फैसला का प्रभाव नहीं पड़ेगा.

मेडिकल-पीजी में एडमिशन का मामला क्या है?
दरअसल, चंडीगढ़ की एक मेडिकल कॉलेज ने पीजी में एडमिशन देने के लिए डोमिसाइल आरक्षण को भी आधार बनाया, जिसको लेकर तन्वी बहल कोर्ट पहुंच गई. इस केस को तन्वी बहल वर्सेज श्रेय गोयल नाम से भी जाना जाता है.

2019 में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने इस केस की सुनवाई की थी, उस वक्त हल नहीं निकल पाया था, जिसके बाद केस को तीन जजों की बेंच में भेज दिया गया था.

याचिकाकर्ता का कहना था कि भारत में रह रहे लोगों को उच्च शिक्षा में निवास के आधार पर आरक्षण कैसे मिल सकता है? 5 साल की लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अब इस पर अपना फैसला सुनाया है.

Related Articles

Back to top button