चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद कांग्रेस में उत्साह, नेता प्रतिपक्ष महंत बोले – सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को शराब घोटाला मामले में सशर्त जमानत मिलने और रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे न्याय की जीत बताते हुए राहत की सांस ली है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत शुक्रवार को सेंट्रल जेल पहुंचे और चैतन्य बघेल से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा कीं। तस्वीरों के साथ महंत ने भावुक संदेश लिखा – “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे षड्यंत्रों के बादल अब छंट चुके हैं और न्याय का सूरज निकल आया है।
महंत ने कहा कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और पूरे मामले को कांग्रेस ने शुरू से ही राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को निशाना बनाने के उद्देश्य से उनके परिवार को घसीटा गया। महंत ने कहा कि पार्टी और संगठन इस कठिन समय में चैतन्य और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे और आगे भी न्याय की इस लड़ाई में साथ देते रहेंगे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जमानत मिलने से यह साफ हो गया है कि सच्चाई को कितने भी दबाने की कोशिश की जाए, वह अंततः सामने आ ही जाती है। वहीं, जेल से रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यालयों में मिठाइयां बांटी गईं और कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गरमाएगा। कांग्रेस इस रिहाई को केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है, जबकि विपक्ष इसे अभी प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए अंतिम फैसले का इंतजार करने की बात कह रहा है।





