दिल्ली। त्योहारी सीजन में रेहड़ी-पटरी लगाकर सामान बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने उनके हित में सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान फुटपाथ पर कारोबार करने वाले दुकानदारों को जबरन हटाया नहीं जाएगा। साथ ही उनके सामान की जब्ती और अवैध वसूली पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग के आदेश से उन हजारों छोटे दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो त्योहारों के दौरान सड़क किनारे और फुटपाथ पर अस्थायी दुकानें लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दिवाली के दौरान कारोबार बढ़ने से इनकी आय भी बढ़ती है, लेकिन कई शहरों में अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था के नाम पर कार्रवाई की जाती है।
त्योहारों में कार्रवाई से बचाने के निर्देश
NHRC ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्ट्रीट वेंडर्स के साथ नियमों के अनुरूप व्यवहार किया जाए। त्योहारों के दौरान उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करने, सामान जब्त करने या उनसे किसी तरह की वसूली करने की कार्रवाई नहीं की जाए। आयोग ने वेंडर्स के आजीविका के अधिकार को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश जारी किया है।
वेंडर्स के लिए त्योहारों का सीजन अहम
रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों के लिए नवरात्रि, दशहरा और दिवाली का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान फूल, सजावटी सामान, कपड़े, खिलौने, मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री और अन्य सामान की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में फुटपाथ से हटाए जाने या सामान जब्त होने से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ता है।
NHRC के इस आदेश से वेंडर्स को त्योहारों के दौरान कारोबार करने में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई करते समय उनके अधिकारों और आजीविका का ध्यान रखना होगा।
