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अंबिकापुर में राज्य स्तरीय तिलहन मेला: CM साय बोले- किसानों से किया हर वादा पूरा कर रही सरकार; तिलहन की खेती पर 11,000 प्रोत्साहन राशि

अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को सरगुजा प्रवास के दौरान राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का भव्य शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अन्नदाताओं की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है और धान के साथ-साथ अब तिलहन उत्पादन में भी छत्तीसगढ़ को नंबर-1 बनाने का लक्ष्य है।

तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर है, लेकिन खाद्य तेल (तिलहन) के लिए आज भी हम 43% आयात पर निर्भर हैं। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं।

कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर अब तिलहन फसलों के लिए 11,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। CM ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत बीजों से जोड़ें ताकि उत्पादन बढ़ सके।

‘एक पेड़ मां के नाम’ और पर्यावरण संदेश

विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत साल (सरई) का पौधा रोपित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।

किसानों से सीधा संवाद: “पैसा मिला या नहीं?”

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने पूछा कि होली के पहले धान के अंतर की राशि मिली या नहीं?

सरकार 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीद रही है और अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान कर रही है।

GST में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिसका सीधा लाभ किसानों की जेब को मिल रहा है।

विशेषज्ञों की राय और सहभागिता

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि प्रदेश के 27 कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए हर साल 50 हजार किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

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