सौम्या चौरसिया पहुंची हाई कोर्ट, गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में जमानत के लिए लगाई याचिका

बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओएसडी रह चुकीं सौम्या चौरसिया ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। इससे पहले ईओडब्ल्यू के प्रोडक्शन वारंट पर आठ जनवरी को सुनवाई निर्धारित है। 13 जनवरी से इस मामले की ट्रायल भी शुरू होगी।
ईडी की जांच में पता चला कि 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान आइएएस अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट ने मिलकर घोटाला किया। इस घोटाले में राजनेता, अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं। जमानत पर चल रहे अधिकारियों से पूछताछ की संभावना बनी हुई है और सौम्या की गिरफ्तारी भी संभावित है।
चार्जशीट दायर करने से पहले ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाटिया वाइन, छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, वेलकम डिस्टलरी और आबकारी अधिकारियों की संपत्ति अटैच की। शराब बनाने वाली कंपनियों की 68 करोड़ की संपत्ति और 31 आबकारी अधिकारियों की 38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। कुल मिलाकर अब तक 382 करोड़ से अधिक संपत्ति अटैच की जा चुकी है।
ईडी ने छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, भाटिया वाइन मर्चेंट, वेलकम डिस्टलरी, अदीप एग्रोटेक, पीटरसन बायो रिफाइनरी, ढिल्लन सिटी माल, टाप सिक्युरिटी एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट, ओम साईं बेवरेज, दिशिता वेंचर्स, नेक्सजेन इंजिटेक, एजेएस एग्रोट्रेड, ढेबर बिल्डकान, प्राइम डेवलपर्स, इंडियन बिल्डकान और प्रिज्म होलोग्राफी को आरोपित बनाया है।
सौम्या चौरसिया दूसरी बार जेल गई हैं। पहले उन्हें दो दिन की रिमांड पर भेजा गया था, उसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की ईडी रिमांड दी। अदालत में पेश होने के बाद जमानत याचिका दायर की गई है। मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रदेश में इस मामले की निगरानी की जा रही है।





