रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को रायपुर रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, कलाकार, साहित्यकार और श्रद्धालु गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार आक्रांताओं ने मंदिर को क्षति पहुंचाई, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यह देशवासियों की अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में यह सांस्कृतिक यात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और लोकार्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
यात्रा की खास बात यह है कि श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों की पवित्र मिट्टी और प्रदेश की नदियों का जल लेकर गए हैं, जिसे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में अर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर देगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए और शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
