Sitapur: गर्मी आते ही पानी की किल्लत बढ़ी, लोग भुगत रहे खामियाजा, स्थानीय लोगों ने कहा- नगर पंचायत क्षेत्र रहने का कोई लाभ नहीं
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अलमीन अहमद@सीतापुर। गर्मी आते ही पानी की किल्लत कई इलाको में देखने मिलता है. वही करोड़ों रुपए की वाटर टीटमेंट प्लांट का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र में दो विभागों की तालमेल नहीं होने से नगर पंचायत के लोगो शुद्ध पेयजल का लाभ नहीं मिल रहा है. इसका खामियाजा नगर पंचायत क्षेत्र के रहवासियों को भुगतना पड़ रहा है.
सरगुजा जिले सीतापुर नगर पंचायत में 11 साल पूर्व जलआवर्धन योजना के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 5 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से इंटेकवेल वाटर और टीटमेंट प्लांट का निर्माण तो कर दिया गया..लेकिन इसका लाभ नगर पंचायत क्षेत्र में रहवासियों को नहीं मिल रहा है. वही इस क्षेत्र के लोग नदी और कुए का पानी पीने मजबूर है और स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र रहने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है.
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इंटेकवेल वाटर और टीटमेंट प्लांट का उपयोग तक नहीं
इधर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उपअभियंता ने अपना बचाव करते हुए कहा कि इंटेकवेल वाटर और टीटमेंट प्लांट का उपयोग तो नहीं किया जा रहा है, लेकिन जलआवर्धन योजना से बने टंकी में बोरवेल से पानी भरकर नगर पंचायत के कई इलाको पानी पहुंचाया जा रहा है. दूसरी ओर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नगर पंचायत को हैंडओवर करने का प्रयास कई बार किया गया. नगर पंचायत ने हैंडओवर लेने से साफ मना कर दिया है. क्योकि 11 साल पूर्व बने इंटेकवेल वाटर और टीटमेंट प्लांट सहित पानी टंकी पुराने हो चुके हैं. जिसको लेकर नगर पंचायत ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा मरम्मत करके दिया जायगा तो वाटर प्लांट को हैंडओवर लेने को तैयार है..
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विभाग की खींचातानी की वजह से नहीं मिल रहा पानी
बहरहाल 15 वार्डो को नगर पंचायत क्षेत्र में यह कहकर शामिल किया गया था कि नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले लोगो को मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से मिल सकेगा..लेकिन दो विभाग की खींचातानी की वजह से नगर पंचायत क्षेत्र के रहने वाले लोगो के लिए जलआवर्धन योजना से 5 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से बने इंटेकवेल वाटर और टीटमेंट प्लांट से पानी नहीं मिल रहा है और यह प्लांट खंडहर में तब्दील होता हुआ नजर आ रहा है. अब देखना होगा की इस खबर के बाद दो विभागों की खींचातानी की वजह से शुद्धपेयजल मिल पता है या नहीं यह तो देखने वाली बात होगी।