दुर्ग बाल सुधार गृह से 7 नाबालिग फरार, 4 गिरफ्तार; सुरक्षा व्यवस्था फिर सवालों में

रायपुर। दुर्ग जिले के पुलगांव स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है। 28 नवंबर की रात यहां से 7 नाबालिग लड़के दीवार फांदकर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 29 नवंबर को 4 बालकों को पकड़ लिया, लेकिन 3 अभी भी लापता हैं। आशंका है कि ये तीनों दुर्ग जिले की सीमा पार कर चुके हैं। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।

चिंता की बात यह है कि एक महीने के भीतर यह दूसरी घटना है। 3 नवंबर को भी इसी सुधार गृह से 3 नाबालिग फरार हुए थे। इनमें हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में शामिल बच्चे भी थे। बार-बार बच्चों के गायब होने के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग और सुधार गृह प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट दिखाई देती है। सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल लगातार खुल रही है।

पुलिस के अनुसार, बच्चे अक्सर पीछे की दीवार फांदकर भागते हैं। बार-बार ऐसी घटनाओं से पुलिस भी परेशान है क्योंकि हर बार नाबालिगों को खोजने में भारी संसाधन लगते हैं। 28 नवंबर की घटना में रात में ही अलर्ट जारी कर खोज अभियान शुरू हुआ। इनमें से 4 बच्चे आसपास के इलाके में मिल गए और उन्हें वापस सुधार गृह भेज दिया गया।

शेष 3 नाबालिगों के जिले से बाहर निकलने की सूचना है, लेकिन पुलगांव पुलिस प्रभारी और बाल विकास विभाग के अधिकारी इस पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। यही नहीं, घटना पर प्रतिक्रिया के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी और महिला एवं बाल विकास अधिकारी से संपर्क किया गया, पर दोनों ने कॉल रिसीव नहीं किया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सुधार गृह की सुरक्षा, स्टाफ की जिम्मेदारी और विभागीय निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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