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ममता बोलीं SIR की वजह से बंगाल में रोज 4 आत्महत्याएं, चुनाव आयोग और केंद्र जिम्मेदार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में SIR (सिटिजनशिप रिव्यू) प्रक्रिया की चिंता के कारण हर दिन 3-4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं।

अब तक 110 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 40-45 लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

ममता ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के कार्यक्रम के दौरान बताया कि दिसंबर में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।

राज्य में कुल 7.6 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 1.66 करोड़ मतदाताओं की नागरिकता पर संदेह जताया गया और उन्हें दस्तावेजों की पुनः जांच के लिए नोटिस भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बंगाल में एक ही उपनाम की अलग-अलग वर्तनी आम बात है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनका सरनेम बनर्जी और बंदोपाध्याय दोनों तरह से लिखा जाता है, लेकिन SIR कराने वालों को यह समझ नहीं है।

इसी तरह की गड़बड़ियों के कारण 1.38 करोड़ लोगों को नोटिस भेजे गए। बुजुर्गों और प्रतिष्ठित नागरिकों, जैसे अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को भी नोटिस भेजे जाने पर ममता ने सवाल उठाया।

ममता ने भाजपा पर बंगाल के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों जैसे गांधी, टैगोर, नेताजी, डॉ. अंबेडकर और विद्यासागर का अपमान किया जा रहा है और इतिहास तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।

चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि अगर कोई बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नियमों का उल्लंघन करता है या लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी निलंबन और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करेंगे, आपराधिक स्थिति में CEO की अनुमति से FIR दर्ज होगी। CEO स्वयं संज्ञान लेकर भी कार्रवाई कर सकते हैं और चुनाव आयोग को इसकी जानकारी देना अनिवार्य है।

राज्य और केंद्र सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना सबसे अहम है।

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