बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना: सीएम साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सभागार से “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लाखों परिवारों को वित्तीय राहत पहुँचाना है, जो आर्थिक तंगहाली या कोरोना काल की विषम परिस्थितियों के कारण अपने बिजली बिलों का भुगतान समय पर नहीं कर पाए थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली आज की अनिवार्य आवश्यकता है और बकाया राशि पर लगने वाले भारी सरचार्ज के कारण कई उपभोक्ताओं के लिए पूरा भुगतान करना कठिन हो गया था।
इस मानवीय पहल के माध्यम से राज्य सरकार प्रदेश के लगभग 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी राहत प्रदान करने जा रही है।
योजना की संरचना को बेहद सरल और जनहितैषी बनाया गया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को बकाया राशि के अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत की पूरी छूट दी जाएगी।
इसके साथ ही, मूल बकाया राशि में भी 75 प्रतिशत तक की भारी छूट का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना होगा, जिसमें बकाया राशि का मात्र 10 प्रतिशत भुगतान अनिवार्य है और शेष राशि को आसान किस्तों में चुकाने की सुविधा दी गई है।
यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिससे निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के साथ-साथ कृषि उपभोक्ताओं को भी नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी सीधे उनके खातों में अंतरित की।
उन्होंने प्रदेशवासियों से बिजली की बचत करने और अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील करते हुए ऊर्जा विभाग को निर्देशित किया कि विशेष शिविरों के माध्यम से इस समाधान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए और राज्य की निर्बाध बिजली आपूर्ति की प्रतिबद्धता दोहराई।





