नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine) के बीच लड़ाई से तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है. देश की सबसे बड़ी एडिबल ऑयल कंपनी Adani Wilmar के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर अंगशु मलिक ने कहा कि वे लोग स्थिति पर करीबी निगाह रख रहे हैं.
भारत अपनी खाद्य तेल की 70 फीसदी जरूरत इम्पोर्ट के जरिए पूरी करता है. सनफ्लावर ऑयल के मामले में यह और भी अधिक है. रूस-यूक्रेन का इलाका इस सेग्मेंट के लिए और भी अहम है. ऐसे में अगर दोनों देश अगले 7-10 दिन में लड़ाई खत्म नहीं करते हैं तो खाद्य तेल की सप्लाई पर असर देखने को मिलेगा और इससे कीमत बढ़ जाएंगे.
सरसों तेल, रिफाइंड के दाम में आ चुकी है काफी तेजी
रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई शुरू होने से काफी पहले से भारत में एडिबल ऑयल (edible oil) की कीमतें लोगों का बजट बिगाड़ रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) में क्रूड एडिबल ऑयल (crude edible oil) की कीमतों में बार-बार उछाल, ढुलाई का खर्च बढ़ने से एडिबल ऑयल के दाम में 50-80 फीसदी का उछाल आ चुका है. अकेले दिसंबर में एडिबल ऑयल के दाम में 30 फीसदी की तेजी आई थी.