नक्सली नेता गणपति के सरेंडर का हल्ला, छत्तीसगढ़ पुलिस ने अधिकृत पुष्टि नहीं की

रायपुर। प्रतिबंधित माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगने की खबर सामने आई है। संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और पूर्व महासचिव एम उर्फ गणपति के आत्मसमर्पण की सूचना मिल रही है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
तेलंगाना से आ रही खबरों के अनुसार प्रतिबंधित माओवादी संगठन के वरिष्ठ नेता एम उर्फ गणपति ने आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। बस्तर क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि तेलंगाना से ऐसी सूचनाएं सामने आई हैं, लेकिन इसकी पुष्टि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
गणपति माओवादी संगठन के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक माने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक संगठन का नेतृत्व किया और उसकी रणनीति तथा वैचारिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया जाता है कि वर्ष 2018 में बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए उन्होंने संगठन के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद संगठन की कमान नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को सौंप दी गई थी। बसवराजू वर्तमान में माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल हैं और कई वर्षों से संगठन की गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
गणपति करीब चार दशक से अधिक समय तक अंडरग्राउंड रहकर माओवादी गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं। उन्हें संगठन का प्रमुख वैचारिक और रणनीतिक नेता माना जाता रहा है। उनके नेतृत्व में माओवादी संगठन ने देश के कई राज्यों में अपनी गतिविधियां फैलाने की कोशिश की थी।
यदि गणपति के आत्मसमर्पण की खबर की पुष्टि होती है तो यह माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे नक्सल आंदोलन की रणनीतिक और वैचारिक ताकत कमजोर पड़ सकती है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस खबर की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रही हैं।





