गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर, पराक्रम और आत्मनिर्भर भारत की झलक

दिल्ली। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड जारी है, जहां भारतीय सशस्त्र बलों की शक्ति, संस्कृति की विविधता और आत्मनिर्भर भारत की झलक एक साथ देखने को मिल रही है। समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया और 21 तोपों की सलामी दी गई।
परेड का सबसे आकर्षक दृश्य ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन रहा। वायुसेना के राफेल, मिग-29, Su-30 और जगुआर विमानों ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाकर आकाश में शौर्य का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पैराट्रूपर्स की लैंडिंग और हेलिकॉप्टर ध्रुव द्वारा प्रहार फॉर्मेशन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। MI-17 हेलिकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए फूलों की वर्षा की।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को सर्वोच्च वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह पल पूरे देश के लिए गर्व का क्षण रहा।
गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अतिथियों का स्वागत किया। परेड की थीम इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है। कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां निकलीं, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र–वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र–आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को दर्शाती हैं। लगभग 90 मिनट तक चलने वाला यह समारोह देश की एकता, शक्ति और प्रगति का सशक्त संदेश दे रहा है।





