जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोमवार को एक एयर एम्बुलेंस (एयरक्राफ्ट) के क्रैश होने की खबर ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। हालांकि, घंटों की मशक्कत और जमीनी जांच के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह खबर पूरी तरह निराधार और अफवाह है। पहाड़ियों से उठती आग की लपटों और धुएं को देखकर विमान हादसे का अंदेशा जताया गया था।
दरअसल, सोशल मीडिया पर 9 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें जशपुर के नारायणपुर-चारभाठी इलाके के पास आरा पहाड़ से धुएं का भारी गुबार उठता दिख रहा था। इस वीडियो के आधार पर कुछ न्यूज चैनलों और वेब पोर्टल्स ने खबर चला दी कि एक एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया है। सूचना मिलते ही कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी दलबल के साथ दुर्गम पहाड़ी इलाके की ओर रवाना हुए।
कलेक्टर का बयान: कोई साक्ष्य नहीं मिले
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने पुष्टि की कि इलाके में किसी भी प्रकार के विमान हादसे के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के किसी भी एटीसी (ATC) से किसी विमान के लापता होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय ग्रामीणों ने किसी भी प्रकार के धमाके या विमान के गिरने की आवाज सुनने से इनकार किया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जंगल में लगी आग के धुएं को देखकर लोगों ने इसे विमान हादसा समझ लिया।
ड्रोन से निगरानी और सरकार की सफाई
राज्य सरकार ने भी आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर का खंडन किया है। प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके की सघन निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संदेह को पूरी तरह खत्म किया जा सके। कलेक्टर ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के ऐसी संवेदनशील खबरों को साझा न करें। फिलहाल, जशपुर के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
